LIVE
Election Commission’s SIR Damage ControlFrontline MagazineINDIA bloc seat-sharing formula finalised for UP polls, says Samajwadi PartyThe New Indian ExpressUP voter list row: After MLC roll goof-up, 13 ‘Vikas Yadav’ entries surface in Azamgarh, 9 officials faceThe Times of IndiaCongress to launch door-to-door campaign, hold marches over voter list 'discrepancies'The Times of IndiaCongress appoints war room chairpersons for upcoming assembly electionsCityairnewsEx-IAS Divya Mittal's party to contest all 403 seats in 2027 UP pollsIndia TodayRevisiting India’s first general election, 1951–52 | InfographicsThe HinduINC Appoints Election War Room Heads For 5 States Ahead Of 2027 Assembly PollsOutlook IndiaThe Fight Over Who Counts in IndiaTime MagazineCongress names election war room heads for five states going to polls in 2027Hindustan Times
8010003355
Main Menu

कैराना, भंडारा-गोंदिया में 122 बूथों पर पुनर्मतदान, कैराना के एक बूथ पर EVM खराब

कैराना-indiavotekar

उत्तर प्रदेश की कैराना और महाराष्ट्र की भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीटों के कुछ बूथों पर कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा मतदान शुरू हुआ। चुनाव आयोग ने कुल 122 बूथों पर फिर से वोट डलवाने का फैसला किया था: कैराना में 73, भंडारा-गोंदिया में 49 और नगालैंड में एक। कैराना के बालू गांव में ईवीएम पांच मिनट चलने के बाद ही बंद हो गई, जिससे मतदाताओं की लंबी लाइन लग गई।

पुनर्मतदान की व्यवस्था

सभी 122 केंद्रों पर भारी संख्या में सुरक्षाबल लगाए गए और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी गई। आयोग के सख्त रुख के बाद कई केंद्र छावनी जैसे दिखे। सुबह के समय वोटिंग की रफ्तार धीमी रही। कैराना में दोबारा मतदान उत्तर प्रदेश के राज्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश स्वीकार किए जाने के बाद हुआ। इसी बीच आयोग ने गोंदिया के कलेक्टर के तबादले का आदेश भी दिया। आयोग के अनुसार नतीजे 31 मई को घोषित होने थे।

क्यों कराना पड़ा दोबारा मतदान

सोमवार को चार लोकसभा और नौ विधानसभा सीटों के उपचुनाव तथा कर्नाटक की एक सीट के नियमित चुनाव में कई जगह ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के खराब होने की खबरें आईं। सबसे ज्यादा शिकायतें कैराना, भंडारा-गोंदिया और नूरपुर से मिलीं। आयोग ने खुद माना कि कैराना में 20.82 फीसद वीवीपैट मशीनें बदलनी पड़ीं। भंडारा-गोंदिया में यह आंकड़ा 19.22 फीसद और पालघर में 13.16 फीसद रहा। इतनी बड़ी संख्या में खराबी से आयोग की साख पर भी सवाल उठे।

आयोग ने ईवीएम से जुड़ी शिकायतों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया, जबकि वीवीपैट की गड़बड़ी के लिए तेज गर्मी और मतदानकर्मियों के कम अनुभव को कारण माना। पुनर्मतदान की मांग कई दलों ने की थी। सबसे पहले भाजपा का प्रतिनिधिमंडल शिकायत लेकर आयोग पहुंचा, बाद में कांग्रेस के आरपीएन सिंह, रालोद अध्यक्ष अजित सिंह और सपा के रामगोपाल यादव ने भी आयोग से मुलाकात की। आयोग ने मंगलवार को अपने पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट देखने के बाद यह फैसला किया।

पालघर में अधिकारी निलंबित

सोमवार रात वोटिंग पूरी होने के बाद पालघर का एक चुनाव अधिकारी ईवीएम और वीवीपैट मशीनें अपनी निजी कार में स्ट्रांगरूम तक ले गया, बाद में उसे सस्पेंड कर दिया गया। जिले के कलेक्टर ने मामले की पुष्टि की और जांच के आदेश दिए। बताया गया कि अधिकारी बस का इंतजार करते-करते थक गया था, इसलिए उसने निजी गाड़ी बुला ली।

यह भी देखें: चुनाव

मूल रूप से 30 मई 2018 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।






Comments are Closed