उपचुनाव नतीजे 2018: 4 लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों की मतगणना के रुझान

चार लोकसभा और दस विधानसभा सीटों के उपचुनाव की मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। इन सीटों पर सोमवार को वोट डाले गए थे। लोकसभा सीटों में उत्तर प्रदेश की कैराना और महाराष्ट्र की भंडारा-गोंदिया व पालघर पर सबसे ज्यादा नजर थी।
गिनती के दौरान के रुझान
- कैराना: शुरुआती दौर के बाद भाजपा फिर पिछड़ती दिखी।
- पालघर: भाजपा बढ़त बनाए हुए थी।
- भंडारा-गोंदिया: एनसीपी उम्मीदवार 3100 वोटों से आगे थे और भाजपा दूसरे स्थान पर थी।
- नूरपुर (उत्तर प्रदेश): आठ राउंड के बाद सपा उम्मीदवार बढ़त पर थे।
- थराली (उत्तराखंड): भाजपा उम्मीदवार 339 वोटों से आगे थे।
- शाहकोट (पंजाब): पांच राउंड के बाद कांग्रेस के हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया को 23698, अकाली उम्मीदवार नायब सिंह कोहाड़ को 13,112 और आप के रतन सिंह को महज 639 वोट मिले थे। पूर्व मंत्री और पांच बार अकाली विधायक रहे अजीत सिंह कोहाड़ की मृत्यु के बाद यह सीट खाली हुई थी।
- जोकीहाट (बिहार): शुरुआती राउंड में जदयू आगे रही, लेकिन नौवें राउंड तक राजद प्रत्याशी करीब चार हजार वोटों से आगे निकल गए।
- गोमिया (झारखंड): बढ़त कई बार बदली। चौथे राउंड के बाद भाजपा के माधव लाल सिंह को 11616, झामुमो की बबीता देवी को 11181 और आजसू के लंबोदर महतो को 9092 वोट मिले थे।
- सिल्ली (झारखंड): आजसू के सुदेश महतो पर झामुमो की सीमा देवी की बढ़त 4000 वोटों से ज्यादा थी।
- चेंगन्नूर (केरल): सीपीआइ-एम उम्मीदवार आगे थे।
- राजराजेश्वरी नगर (कर्नाटक): शुरुआती रुझानों में कांग्रेस को बढ़त मिली।
- महेशतला (पश्चिम बंगाल): टीएमसी के दुलाल चंद्र दास गिनती के दूसरे दौर के बाद 10,000 से अधिक वोटों की बढ़त पर थे।
- पलूस कडेगांव (महाराष्ट्र): कांग्रेस के विश्वजीत पतंगराव कदम निर्विरोध चुने गए।
कैराना पर सबकी नजर
कैराना में भाजपा के सामने विपक्ष एकजुट था। कुल 14 उम्मीदवारों में से लोकदल के कंवर हसन ने रालोद को समर्थन दे दिया, जिसके बाद 13 प्रत्याशी बचे। असली मुकाबला भाजपा की मृगांका सिंह और महागठबंधन की तबस्सुम हसन के बीच था। यह सीट भाजपा सांसद हुकुम सिंह के इसी वर्ष फरवरी में बीमारी से निधन के बाद खाली हुई थी; 2014 में उन्होंने यहां जीत दर्ज की थी।
बुधवार को कैराना के 73 बूथों पर सुबह आठ से शाम छह बजे तक चले पुनर्मतदान में 61 फीसद मतदान हुआ। उस दिन भी चार वीवीपैट और एक ईवीएम बदलनी पड़ी। सोमवार को जिन बूथों पर वीवीपैट खराबी से दो घंटे से ज्यादा मतदान रुका रहा, वहां आयोग ने दोबारा वोटिंग कराई। भंडारा-गोंदिया के 49 बूथों पर भी पुनर्मतदान हुआ, जहां शाम पांच बजे तक 45 फीसद मतदान दर्ज हुआ और कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई।
महाराष्ट्र और ईवीएम विवाद
महाराष्ट्र की दोनों सीटों पर कांग्रेस, भाजपा, शिवसेना और एनसीपी ने पूरी ताकत झोंकी। पालघर में उपचुनाव भाजपा सांसद चिंतामण वनगा के निधन से हुआ; शिवसेना ने उनके बेटे श्रीनिवास वनगा को और भाजपा ने कांग्रेस से आए राजेंद्र गावित को टिकट दिया। कांग्रेस के दामोदर शिन्गाड़ा और बहुजन विकास अघाड़ी के बलिराम जाधव भी मैदान में थे; जाधव 2009 में यह सीट जीत चुके थे। भंडारा-गोंदिया सीट नाना पटोले के इस्तीफा देकर कांग्रेस में जाने से खाली हुई थी।
मतदान के दौरान विपक्ष ने ईवीएम से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाया। रालोद प्रमुख अजित सिंह और सपा नेता रामगोपाल यादव शिकायत लेकर आयोग पहुंचे, जबकि भाजपा ने भी मशीनों के ठप होने को गंभीर मामला बताया।
यह भी देखें: चुनाव समाचार
मूल रूप से 31 मई 2018 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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