योगी सरकार का फैसला: सपा राज में नियुक्त 70 से अधिक सलाहकारों व अध्यक्षों की छुट्टी
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार के समय अलग-अलग विभागों में नियुक्त सभी सलाहकारों, अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों की सेवाएं खत्म कर दी हैं। इन्हें तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया गया है।
किन पदों पर असर
सपा सरकार के कार्यकाल में विभागों, सार्वजनिक निगमों, परिषदों और समितियों में 70 से अधिक गैरसरकारी लोगों को सलाहकार, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया था।
नई सरकार बनने के बाद इनमें से कई लोगों ने खुद ही इस्तीफा दे दिया था, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अब भी अपने पदों पर बने हुए थे।
मुख्य सचिव का आदेश
मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सोमवार को ऐसे सभी गैरसरकारी पदाधिकारियों की सेवाएं तुरंत समाप्त करने का आदेश जारी किया। इस आदेश पर फौरन अमल कराने की जिम्मेदारी कृषि उत्पादन आयुक्त, औद्योगिक विकास आयुक्त तथा शासन के सभी वरिष्ठ सचिव स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई।
सत्ता बदलने के बाद यह नई सरकार के शुरुआती प्रशासनिक फैसलों में से एक है।
आगे क्या हुआ
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 312 सीटें जीती थीं और सपा 47 सीटों पर रही थी। योगी आदित्यनाथ मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बने और मार्च 2022 में दूसरी बार इस पद पर आए।
यह भी देखें: चुनाव समाचार
मूल रूप से 21 मार्च 2017 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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