चुनावी साल में संघ की योगी को सलाह: दलितों और पिछड़ों का भरोसा जीतें

उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए सपा-बसपा गठबंधन से पैदा हुई सियासी चुनौती के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेताओं ने नई दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विस्तार से बातचीत की। संघ ने उन्हें राज्य के दलित और पिछड़े वर्गों का विश्वास जीतने तथा संगठन के ढांचे को और मजबूत करने की सलाह दी।
बैठक में कौन-कौन था
दिल्ली के संघ कार्यालय में हुई इस बैठक में योगी ने सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल तथा सरकार्यवाह भैयाजी जोशी से मुलाकात की। बैठक करीब ढाई घंटे चली और इसके अंतिम हिस्से में, लगभग आधे घंटे के लिए, सरसंघचालक मोहन भागवत भी पहुंचे। शाम को लखनऊ लौटकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश स्तर के संघ पदाधिकारियों के साथ एक और बैठक की।
इससे पहले सूरजकुंड में संगठन मंत्रियों की बैठक में भैयाजी जोशी स्पष्ट कर चुके थे कि संगठन और सरकार की भूमिकाएं अलग हैं और संगठन के लोगों को सरकारी कामकाज में दखल नहीं देना चाहिए। माना जा रहा है कि दिल्ली की बैठक भी इन्हीं सवालों से जुड़ी थी। पिछले सप्ताह संघ नेता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय से भी इन विषयों पर चर्चा कर चुके थे। सूत्रों का कहना है कि इन बैठकों का नतीजा संगठन में फेरबदल के रूप में दिख सकता है।
संघ की चिंता क्या है
संघ को आशंका है कि दलित और पिछड़े वर्ग उससे दूर न हो जाएं। वह हिंदू समाज के सभी वर्गों को एक साथ रखना चाहता है और इसी मकसद से समरसता अभियान चला रहा है। योगी को सुझाव दिया गया कि वह इस अभियान को कैसे आगे ले जा सकते हैं, और यह भी कि सरकार अपने कामकाज से इन वर्गों को भरोसा दिलाए कि वह उनके हित में काम कर रही है।
सूत्रों के अनुसार बातचीत में मुस्लिम वोटों को एकजुट होने से रोकने के उपायों और मुसलमानों के बीच प्रगतिशील नेतृत्व उभारने पर भी चर्चा हुई। प्रदेश में भाजपा संगठन में बदलाव को लेकर संघ नेताओं ने अपनी राय रखी और योगी की राय भी जानी। संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया, ताकि सरकार के काम को जनता तक पहुंचाया जा सके।
सहयोगी दल से बढ़ा दबाव
भाजपा की चिंता का एक कारण उसकी सहयोगी पार्टी भासपा भी है। पार्टी प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर दलितों और पिछड़ों के हितों का सवाल उठाकर लगातार सरकार को घेर रहे हैं।
आगे क्या हुआ
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 543 में से 303 सीटें जीतीं और नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2019 को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
यह भी देखें: भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश विधानसभा सदस्य
मूल रूप से 27 जून 2018 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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