यूपी विधान परिषद की पांचवीं सीट पर भी उपचुनाव, भाजपा की उलझन खत्म
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पांचवीं खाली सीट पर भी उपचुनाव की घोषणा से भाजपा की अंदरूनी उलझन दूर हो गई है। इससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. दिनेश शर्मा समेत पांच नेताओं के उच्च सदन में पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है।
क्यों जरूरी थीं पांच सीटें
सरकार को पांच सीटों की जरूरत थी। स्वतंत्रदेव सिंह (परिवहन मंत्री) और मोहसिन रजा के मामले में असमंजस था, जो भारत निर्वाचन आयोग के फैसले से खत्म हो गया। आयोग ने मंगलवार को जयवीर सिंह के इस्तीफे से खाली हुई विधायक कोटे की सीट के लिए भी उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया।
मंगलवार को नामांकन के पहले दिन किसी ने पर्चा दाखिल नहीं किया। अपर निर्वाचन अधिकारी के अनुसार उस दिन भाजपा की ओर से हनुमान नाम से एक नामांकन पत्र खरीदा गया।
चुनाव कार्यक्रम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अमृता सोनी ने बताया कि पांचवीं सीट के लिए अधिसूचना 31 अगस्त को जारी होगी, जिसके साथ नामांकन शुरू होंगे।
- नामांकन की अंतिम तिथि: सात सितंबर
- नामांकन पत्रों की जांच: आठ सितंबर
- नाम वापसी: 11 सितंबर तक
- मतदान और उसके तुरंत बाद मतगणना: 18 सितंबर
पृष्ठभूमि
योगी आदित्यनाथ मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे।
यह भी देखें: उत्तर प्रदेश विधानसभा सदस्य
मूल रूप से 30 अगस्त 2017 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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