अखिलेश यादव के सुर नरम, विधायकों से कहा: पहले मुलायम, फिर हम
विशेष अधिवेशन में मुलायम सिंह यादव की जगह समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष बने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के तेवर सोमवार को काफी नरम दिखे। मिलने आए विधायकों और एमएलसी से उन्होंने कहा कि पहले मुलायम सिंह जिंदाबाद का नारा लगना चाहिए और उसके बाद उनकी बात हो।
बिना बुलाए पहुंचे विधायक
मुख्यमंत्री ने किसी को आमंत्रित नहीं किया था, फिर भी कई विधायक और एमएलसी सुबह साढ़े नौ बजे ही उनके आवास पर पहुंच गए। कुछ ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की बधाई दी, साथ देने का भरोसा दिलाया और अपने क्षेत्रों में काम कराने के लिए आवेदन सौंपे।
अखिलेश ने उनसे अपने क्षेत्रों में लौटकर चुनाव की तैयारी तेज करने को कहा और कहा कि 2017 में फिर से सरकार बनानी है। उन्होंने विधायकों को नेताजी, यानी मुलायम सिंह यादव, से मिलते रहने और उनका सम्मान बनाए रखने की सलाह दी।
विधायकों ने क्या बताया
आजमगढ़ से विधायक बृजलाल के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि नारा पहले मुलायम के नाम का लगाया जाए। विधायक नाहिद हसन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मुलायम को सबसे ऊपर रखकर नारे लगाने को कहा, और यह भी कहा कि बिना बुलाए लखनऊ न आएं।
माना जा रहा है कि पिता को अध्यक्ष पद से हटाए जाने से होने वाले राजनीतिक नुकसान को भांपते हुए अखिलेश ने यह संदेश दिया कि वे सपा के संस्थापक का सम्मान कम नहीं होने देंगे। विधायकों से मुलाकात के बाद उन्होंने नए प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, करीबी एमएलसी उदयवीर और सुनील यादव साजन तथा बर्खास्त किए गए युवा ब्रिगेड के सदस्यों के साथ बैठक की।
आगे क्या हुआ
2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 312 सीटें जीतीं, जबकि सपा को 47 और बसपा को 19 सीटें मिलीं। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने।
यह भी देखें: समाजवादी पार्टी
मूल रूप से 3 जनवरी 2017 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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