कर्नाटक चुनाव: भाजपा के घोषणापत्र में किसानों की कर्जमाफी और महिलाओं के लिए वादे

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बेंगलुरु में अपना घोषणापत्र, जिसे पार्टी संकल्पपत्र कहती है, जारी किया। इसे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जारी किया। येदियुरप्पा ने कहा कि किसानों का कल्याण पार्टी की प्राथमिकता रहा है।
किसानों के लिए वादे
- सरकार बनने पर सहकारी और राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिए गए एक लाख रुपये तक के कर्ज की माफी, उत्तर प्रदेश की तर्ज पर।
- सिंचाई परियोजनाओं पर 1,50,000 करोड़ रुपये, ताकि राज्य के हर इलाके और हर खेत तक पानी पहुंचे।
- फसलों के दाम में उतार-चढ़ाव से होने वाले घाटे से राहत के लिए 5000 करोड़ रुपये का ‘रैयता बंधु मार्केट इंटरवेंशन फंड’।
- बंजर जमीन वाले किसानों को 10,000 रुपये की नकद सहायता।
- पंप सेट के लिए दस घंटे मुफ्त बिजली।
- गोहत्या कानून को फिर से लागू करना, गोसेवा आयोग का गठन और पशु कल्याण के लिए 3000 करोड़ रुपये।
महिलाओं और अन्य वर्गों के लिए
घोषणापत्र में बीपीएल परिवारों की बेटियों की शादी पर 3 ग्राम सोने का मंगलसूत्र और 25,000 रुपये की मदद, गरीबी रेखा से नीचे की महिलाओं को स्मार्टफोन, और भाग्यलक्ष्मी योजना के तहत मध्यम व निम्न वर्ग की महिलाओं को 1-2 लाख रुपये देने का वादा है। ओबीसी समुदाय के लिए 7500 करोड़ रुपये के बजट के साथ सुविधा घर, 400 अनुसूचित जनजाति के बच्चों की विदेश में प्रायोजित पढ़ाई, 24*7 भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन, सौर ऊर्जा को बढ़ावा, बेंगलुरु को कचरा-मुक्त बनाने और राजमार्गों के विकास की बात भी कही गई है। पार्टी ने लोकायुक्त के अधिकार बहाल करने का भी वादा किया है; सिद्धारमैया सरकार के दौरान उसके अधिकार लगभग खत्म कर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बनाया गया था।
कांग्रेस का घोषणापत्र और प्रचार
कांग्रेस अपना घोषणापत्र पहले ही जारी कर चुकी थी। राहुल गांधी ने उसे लोगों की राय से तैयार दस्तावेज बताया था, जिसमें मुफ्त लैपटॉप, इंटरनेट, आईटी क्षेत्र और अन्न भाग्य योजना जैसे वादे शामिल हैं। येदियुरप्पा ने अपनी जीत पक्की होने का दावा किया। गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार को “सिद्धा रुपैया सरकार” कहा था और राहुल गांधी ने भी जवाब दिया था। 12 मई के मतदान से पहले राहुल की कलबुर्गी और गजेंद्रगढ़ में रैलियां तय थीं, जबकि भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और योगी आदित्यनाथ भी सभाएं करने वाले थे।
आगे क्या हुआ
15 मई 2018 को हुई मतगणना में 224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जद(एस) को 37 सीटें मिलीं। बी. एस. येदियुरप्पा ने विश्वास मत से पहले ही इस्तीफा दे दिया और 23 मई 2018 को कांग्रेस के समर्थन से जद(एस) के एच. डी. कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने। जुलाई 2019 में यह सरकार गिर गई और येदियुरप्पा फिर मुख्यमंत्री बने।
मूल रूप से 4 मई 2018 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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