छत्तीसगढ़ चुनाव: बस्तर की 12 सीटों पर भाजपा खुलकर, कांग्रेस चुपचाप कर रही तैयारी

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की 12 विधानसभा सीटें, जहां आदिवासी आबादी ज्यादा है और नक्सल प्रभाव है, इस बार भाजपा और कांग्रेस, दोनों की रणनीति के केंद्र में हैं। रायपुर से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा यहां खुलकर चुनावी तैयारी कर रही है, जबकि कांग्रेस बिना शोर-शराबे के काम कर रही है। फिलहाल संभाग की आठ सीटें कांग्रेस के पास हैं और भाजपा के पास चार।
भाजपा का खुला अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पार्टी के कई बड़े नेता बस्तर का दौरा कर चुके हैं। सभी सीटों की समीक्षा का काम पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह पूरा कर चुके हैं, और प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन तथा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक भी इलाके में घूम चुके हैं। मुख्यमंत्री ने लोक सुराज अभियान बस्तर से शुरू किया था और 11 मई से उनकी विकास यात्रा दंतेवाड़ा से शुरू होनी है। प्रधानमंत्री ने भी बीजापुर जिले के जांगला गांव में सभा की थी। संकेत साफ हैं कि सरकार और संगठन मिलकर आदिवासी मतदाताओं तक पहुंचने और यहां सीटें बढ़ाने में जुटे हैं।
कांग्रेस की विशेष टीम
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बस्तर की कमान खुद संभाली है। उन्होंने 26 मार्च को एक विशेष टीम गठित की, जिसमें तीन समन्वयक और 14 पर्यवेक्षक हैं, जिसमें ज्यादातर पड़ोसी ओडिशा के नेता हैं और जो सीधे उन्हें रिपोर्ट करती है। इस टीम की निगरानी अरुण उरांव कर रहे हैं। टीम सभी सीटों पर बैठकें कर रही है, मौजूदा आठ विधायकों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड बना रही है और टिकट चयन में भी उसकी अहम भूमिका रहेगी। पार्टी के भीतर भी इसकी ज्यादा चर्चा नहीं है।
टीम के सक्रिय होने के बाद प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अपना ध्यान बिलासपुर और दुर्ग संभाग पर लगाया है, जहां संकल्प शिविरों के जरिए बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की कोशिश हो रही है।
पिछले चुनावों में बस्तर
राज्य गठन के बाद हुए तीन विधानसभा चुनावों में से पहले दो में बस्तर भाजपा का गढ़ रहा। 2003 में भाजपा ने 12 में से नौ और कांग्रेस ने तीन सीटें जीती थीं। 2008 में भाजपा 11 सीटों तक पहुंच गई और कांग्रेस एक पर सिमट गई। 2013 में तस्वीर बदली, जब कांग्रेस आठ सीटें जीत गई और भाजपा चार पर रह गई।
आगे क्या हुआ
2018 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 68 और भाजपा ने 15 सीटें जीतीं, जबकि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ को 5 सीटें मिलीं। चुनाव के बाद कांग्रेस के भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने।
मूल रूप से 30 अप्रैल 2018 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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