मैसूर में मोदी की राहुल गांधी को चुनौती: बिना कागज पढ़े 15 मिनट बोलकर दिखाएं

कर्नाटक चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद अपने पहले दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 1 मई को मैसूर की एक चुनावी सभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उसी दिन राज्य में उनकी तीन रैलियां तय थीं।
15 मिनट की चुनौती
मोदी ने राहुल गांधी से कहा कि वह कोई कागज या रिपोर्ट देखे बिना 15 मिनट में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की उपलब्धियां गिनाकर दिखाएं, चाहे हिंदी में बोलें, अंग्रेजी में या अपनी मातृभाषा में। साथ ही उन्होंने चुनौती दी कि राहुल 15 मिनट में पांच बार ‘विश्वेश्वरैया’ का नाम लेकर दिखाएं।
राहुल के उस बयान का जिक्र करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि संसद में उनके 15 मिनट बोलने पर मोदी बैठ नहीं पाएंगे, प्रधानमंत्री ने व्यंग्य किया कि राहुल ‘नामदार’ हैं और कामदारों में उनके सामने बैठने की क्षमता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं का कोई सिद्धांत नहीं है और राहुल गांधी काम कम, बातें ज्यादा करते हैं।
बिजली के वादों पर सवाल
प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने 2005 में हर गांव तक बिजली पहुंचाने की बात कही थी और सोनिया गांधी ने 2009 तक हर घर में बिजली का वादा किया था, लेकिन 2014 तक ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कांग्रेस पर मनमोहन सिंह का अनादर करने का आरोप भी लगाया। मोदी ने कहा कि आजादी के बाद से जिन घरों तक बिजली नहीं पहुंची, वहां बिजली पहुंचाने का जिम्मा उनकी सरकार ने उठाया है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि आज कांग्रेस की कमान ऐसे लोगों के पास है, जो वंदे मातरम और राष्ट्र के गौरव को नहीं समझते।
मजदूर दिवस और चुनावी माहौल
मोदी ने दावा किया कि कर्नाटक में भाजपा के पक्ष में हवा नहीं, आंधी चल रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 1 मई गुजरात और कर्नाटक दोनों का स्थापना दिवस होने के साथ मजदूर दिवस भी है, और यह दिन कारीगरों और मजदूरों को समर्पित किया। राज्य की 224 सीटों के लिए 12 मई को एक ही चरण में मतदान और 15 मई को नतीजे तय थे।
आगे क्या हुआ
15 मई 2018 को हुई मतगणना में 224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जद(एस) को 37 सीटें मिलीं। बी. एस. येदियुरप्पा ने विश्वास मत से पहले ही इस्तीफा दे दिया और 23 मई 2018 को कांग्रेस के समर्थन से जद(एस) के एच. डी. कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने। जुलाई 2019 में यह सरकार गिर गई और येदियुरप्पा फिर मुख्यमंत्री बने।
मूल रूप से 1 मई 2018 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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