मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐलान: भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था पर ‘जीरो टॉलरेंस’
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शपथ लेने के बाद अफसरों के साथ अपनी पहली बैठक में साफ कर दिया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चलेगी। यह बैठक सोमवार को लखनऊ के लोकभवन में मुख्य सचिव राहुल भटनागर और शासन के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों तथा सचिवों के साथ हुई।
सरकार की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी से मुक्त प्रशासन देना उनकी सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे सरकार की मंशा को समझें और ऐसा काम करें जिससे जनता को बदलाव महसूस हो।
- कानून का राज हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
- हर स्तर पर आम लोगों से सम्मान और बराबरी का व्यवहार हो।
- अराजकता बर्दाश्त नहीं होगी और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई हो।
फिजूलखर्ची पर रोक, फेरबदल के संकेत
योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को दिखावे और अनावश्यक खर्च से बचने को कहा। उनका कहना था कि कामकाज में सादगी और किफायत दिखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन में बड़े बदलाव का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि सही काम के लिए सही अधिकारी को सही पद पर तैनात किया जाना चाहिए। इसे अफसरशाही में जल्द होने वाले फेरबदल की ओर इशारा माना जा रहा है।
आगे क्या हुआ
योगी आदित्यनाथ मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बने थे और मार्च 2022 में उन्होंने दूसरा कार्यकाल शुरू किया।
यह भी देखें: भारतीय जनता पार्टी
मूल रूप से 21 मार्च 2017 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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