चुनाव 2017: चुनाव आयोग के फैसले से अखिलेश को सपा की कमान और साइकिल चुनाव चिह्न
समाजवादी पार्टी पर नियंत्रण की लड़ाई में चुनाव आयोग के फैसले के बाद साइकिल चुनाव चिह्न अखिलेश यादव को मिल गया है। फैसला आने के संकेत मिलते ही सपा के प्रदेश मुख्यालय पर अखिलेश की नेम प्लेट राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में लगा दी गई।
मुख्यालय पर टकराव
फैसले से पहले यादव परिवार का झगड़ा सड़क तक पहुंच चुका था। चुनाव से करीब दो महीने पहले अखिलेश और शिवपाल के समर्थकों का टकराव इतना बढ़ा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ नारे लगने लगे। मुलायम पार्टी दफ्तर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, तभी बाहर अखिलेश समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। बैठक में मौजूद कार्यकर्ता भी बाहर आ गए और दोनों खेमों के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई।
दो राष्ट्रीय अध्यक्ष
मुख्यालय में अखिलेश की नई नेम प्लेट मुलायम सिंह की नेम प्लेट के ठीक नीचे लगाई गई, जिससे पार्टी में एक साथ दो राष्ट्रीय अध्यक्षों जैसी स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं के बीच यही चर्चा रही कि आखिर कौन पद पर बना रहेगा।
एक जनवरी को जनेश्वर मिश्र पार्क में हुए अधिवेशन में अखिलेश को प्रो. राम गोपाल यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की थी, जिसके बाद पार्टी पर कब्जे की जंग तेज हो गई। उस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने दफ्तर में लगी शिवपाल यादव की नेम प्लेट उखाड़ दी थी और कई कार्यालयों पर ताले डाल दिए गए थे; शिवपाल की नेम प्लेट बाद में दोबारा लगा दी गई थी।
आगे क्या हुआ
2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 312 सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी 47 और बसपा 19 सीटों पर रही। चुनाव के बाद योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने।
मूल रूप से 17 जनवरी 2017 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
Related News

SP leaders hit back at Mayawati after BSP ends alliance
Samajwadi Party leaders began speaking out against Bahujan Samaj Party president Mayawati after the BSPRead More

Mayawati: BSP to fight UP bypolls alone, but no permanent break with SP
BSP chief Mayawati announced on Tuesday, 4 June, that her party would contest the comingRead More

Comments are Closed