कर्नाटक: मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने जीता विश्वास मत, भाजपा ने किया वॉकआउट

कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने विश्वास मत हासिल कर लिया। भाजपा ने शक्ति परीक्षण से पहले ही सदन से वॉकआउट कर दिया। भाजपा विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने किसानों का कर्ज माफ नहीं किया तो पार्टी सोमवार से पूरे राज्य में प्रदर्शन करेगी।
सदन में कुमारस्वामी का भाषण
कुमारस्वामी ने कहा कि जनादेश भाजपा के पक्ष में नहीं था और इस बार की स्थिति 2004 जैसी है, जब वह पहली बार विधायक बने थे। उन्होंने गुलाम नबी आजाद, सिद्धारमैया और परमेश्वर का आभार जताया और बताया कि मतगणना के दिन सबसे पहले परमेश्वर ने और फिर आजाद ने उन्हें फोन कर खंडित जनादेश के बीच मिलकर सरकार बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सिर्फ सत्ता के लिए नहीं बना और यह उनकी मुख्यमंत्री बनने की इच्छा का परिणाम नहीं है।
प्रधानमंत्री के उस बयान पर, जिसमें भाजपा के अलावा किसी और की सरकार न बन सकने की बात कही गई थी, कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने ऐसा होने नहीं दिया, और यह प्रधानमंत्री पर छोड़ा कि उस पद से ऐसी भाषा कितनी उचित है। उन्होंने गोवा का उदाहरण देकर कहा कि वहां सबसे बड़े दल को न्योता नहीं मिला था, और आरोप लगाया कि भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन दिए जाने से लोगों के मन में शंका पैदा हुई और खरीद-फरोख्त की आशंका बढ़ी। विधायकों को परिवारों से दूर बंद रखने के येदियुरप्पा के आरोप को भी उन्होंने गलत बताया।
रमेश कुमार निर्विरोध स्पीकर
विश्वास मत से पहले श्रीनिवासपुर से कांग्रेस विधायक रमेश कुमार निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने गए। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा ने अपने उम्मीदवार सुरेश कुमार का नाम वापस ले लिया। येदियुरप्पा ने कहा कि पद की गरिमा को देखते हुए पार्टी चाहती थी कि चुनाव सर्वसम्मति से हो, और उन्होंने रमेश कुमार को बधाई दी। कुमारस्वामी ने इसके लिए विपक्ष का धन्यवाद किया।
मंत्रिमंडल की चुनौती
कुमारस्वामी, जो जद (एस), कांग्रेस और बसपा के गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं, बुधवार को कई प्रमुख विपक्षी नेताओं की उपस्थिति में शपथ ले चुके थे। नतीजों के बाद से दोनों दलों के विधायक रिजॉर्ट में रखे गए थे, और कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने जीत का भरोसा जताया था। बताया गया कि मंत्रिमंडल का विस्तार कुमारस्वामी के लिए कठिन होगा, क्योंकि उपमुख्यमंत्री पद न मिलने से डीके शिवकुमार नाखुश बताए गए, जबकि कांग्रेस ने दलित नेता जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया है।
आगे क्या हुआ
जुलाई 2019 में कुमारस्वामी की सरकार गिर गई और बी. एस. येदियुरप्पा दोबारा मुख्यमंत्री बने।
यह भी देखें: जनता दल (सेक्युलर) | कांग्रेस
मूल रूप से 26 मई 2018 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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