मानसून सत्र आज से: 22 दिन में 18 विधेयक पारित कराने की तैयारी में सरकार

संसद का मानसून सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है, जो राजनीतिक गहमागहमी के साथ-साथ विधायी कामकाज के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। 22 दिन के इस सत्र में सरकार 18 विधेयक लाना चाहती है, जिनमें अवैध जमा योजनाओं पर रोक से लेकर एमएसएमई की परिभाषा बदलने तक के प्रस्ताव शामिल हैं।
लंबित विधेयकों पर नजर
सरकार उन विधेयकों को भी इसी सत्र में पारित कराने का रास्ता तलाश रही है जो लोकसभा में पेश हो चुके हैं, पर संबंधित स्थायी समितियों को विचार के लिए नहीं भेजे जा सके। इनमें फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स बिल, इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़ा कानून शामिल हैं। इनमें से दिवाला संहिता और भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून अध्यादेश के जरिए पहले ही लागू किए जा चुके हैं, इसलिए उन्हें पारित कराना सरकार की प्राथमिकता है।
भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में बदलाव पर भी सबकी नजर रहेगी। सरकार का मानना है कि मौजूदा कानून निर्णय प्रक्रिया को सुस्त करता है। इस संशोधन पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली कई मौकों पर विपक्ष का साथ मांग चुके हैं, जिससे अफसरों और बैंकों को धीमे फैसलों के आरोपों से बचाया जा सके।
प्रमुख प्रस्ताव
अवैध जमा योजनाएं: प्रस्तावित विधेयक के तीन मुख्य पहलू हैं: ऐसी योजनाओं को चलाने और बढ़ावा देने पर कड़ी सजा, जमाकर्ताओं को भुगतान में चूक पर दंड, और राज्यों की ओर से एक सक्षम प्राधिकरण का गठन। इसमें तीन तरह के अपराध परिभाषित होंगे: अनियंत्रित योजना चलाना, नियंत्रित योजना में भुगतान में चूक, और अनियंत्रित योजना के बारे में गलत जानकारी देना।
एमएसएमई संशोधन: सरकार इकाइयों का वर्गीकरण सालाना टर्नओवर के आधार पर करना चाहती है, जिससे कारोबार आसान होने और जीएसटी से बेहतर तालमेल की उम्मीद है। फिलहाल पांच करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाली इकाई माइक्रो, उससे ऊपर 75 करोड़ रुपये तक वाली लघु, और 75 करोड़ से 250 करोड़ रुपये तक वाली इकाई मध्यम श्रेणी में आती है।
सूची में शामिल अन्य विधेयक
- बांध सुरक्षा विधेयक
- सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक
- मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक
- आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक
- होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक
- दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक
- केंद्रीय जीएसटी, आईजीएसटी और जीएसटी (राज्यों को मुआवजा) से जुड़े संशोधन विधेयक
यह भी देखें: लोकसभा सदस्य, चुनावी खबरें
मूल रूप से 18 जुलाई 2018 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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