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कर्नाटक: येद्दयुरप्पा को शनिवार शाम तक विधानसभा में साबित करना होगा बहुमत

येद्दयुरप्पा

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा को शनिवार शाम चार बजे तक विधानसभा में बहुमत साबित करने का आदेश दिया है। इसी के साथ यह तय होना था कि राज्य की सत्ता आखिर किसके हाथ में जाएगी।

संख्या बल

12 मई को हुए मतदान के 15 मई को आए नतीजों में कोई भी दल अपने दम पर बहुमत नहीं पा सका। सबसे बड़े दल के रूप में उभरी भाजपा ने राज्यपाल से मिलकर दावा पेश किया और येद्दयुरप्पा ने शपथ भी ले ली, जबकि जेडीएस और कांग्रेस ने गठबंधन कर सरकार बनाने का दावा किया। बहुमत के लिए 112 विधायकों की जरूरत है, जबकि भाजपा के पास 104 हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस (78) और जेडीएस (38) का कुल आंकड़ा 116 बैठता है, और कांग्रेस ने दो निर्दलीयों के समर्थन का भी दावा किया है।

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, अगर चुनाव से पहले बने गठबंधन के पास बहुमत हो तो उसे सरकार बनाने के लिए बुलाया जाता है, लेकिन चुनाव के बाद बने गठबंधन का दर्जा सबसे बड़े दल से नीचे माना जाता है।

भाजपा के लिए संभावित रास्ते

  • कांग्रेस-जेडीएस के 14 विधायक, जिन्हें गायब बताया जा रहा था, सदन से अनुपस्थित रहें या येद्दयुरप्पा के पक्ष में वोट दें।
  • दोनों दलों के 31 लिंगायत विधायक अपनी जाति के आधार पर येद्दयुरप्पा के समर्थन में आ जाएं।
  • कांग्रेस के 52 और जेडीएस के 26, यानी दोनों दलों के दो-तिहाई विधायक पाला बदलें, जिस स्थिति में दलबदल कानून लागू नहीं होता; हालांकि इसकी संभावना सबसे कम मानी गई।

प्रोटेम स्पीकर पर विवाद

राज्यपाल वजुभाई वाला ने केजी बोपैया को विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त कर उन्हें शपथ दिलाई। 2011 में येद्दयुरप्पा सरकार पर संकट के दौरान बोपैया ने 16 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी थी, जिससे वह सरकार बच गई थी। कांग्रेस-जदएस ने इस नियुक्ति को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिस पर उसी दिन सुनवाई होनी थी। कांग्रेस का कहना था कि यह पद सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को मिलता है, इसलिए आरवी देशपांडे को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाना चाहिए।

आगे क्या हुआ

येदियुरप्पा ने विश्वास मत से पहले ही इस्तीफा दे दिया और 23 मई 2018 को कांग्रेस के समर्थन से जद(एस) के एच. डी. कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने। जुलाई 2019 में यह सरकार गिर गई और येदियुरप्पा दोबारा मुख्यमंत्री बने।

यह भी देखें: भाजपा | कांग्रेस

मूल रूप से 19 मई 2018 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।






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