चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव: भाजपा-अकाली गठबंधन ने 26 में से 21 सीटें जीतीं
चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भाजपा-अकाली दल गठबंधन ने 26 में से 21 सीटें जीतकर बड़ी सफलता हासिल की है, जबकि कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। मतगणना के शुरुआती रुझानों से ही बढ़त भाजपा के पक्ष में दिख रही थी।
नोटबंदी के बीच आया नतीजा
केंद्र सरकार ने 8 नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा की थी, और ये चुनाव उसी के बाद हुए। इसलिए नतीजों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले पर जनता की राय के रूप में भी देखा गया। भाजपा की जीत को इस तर्क के साथ पेश किया गया कि नोटबंदी का मतदाताओं पर खास असर नहीं पड़ा और लोग उतने परेशान नहीं थे, जितना विरोधी दलों ने इस मुद्दे को उछाला।
पंजाब चुनाव के लिहाज से अहमियत
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चंडीगढ़ का यह परिणाम उस कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना गया, जो पंजाब में सत्ता में लौटने की उम्मीद लगाए बैठी है। नतीजों के बाद कांग्रेस को काफी किरकिरी झेलनी पड़ी।
आगे क्या हुआ
2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 117 में से 77 सीटें जीतीं, आम आदमी पार्टी को 20 और शिरोमणि अकाली दल को 15 सीटें मिलीं। अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बने; सितंबर 2021 में चरणजीत सिंह चन्नी ने उनकी जगह ली।
यह भी देखें: भारतीय जनता पार्टी | शिरोमणि अकाली दल
मूल रूप से 20 दिसंबर 2016 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
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