Tuesday, January 24th, 2017
Samajwadi Party’s fourth list: reports say Akhilesh to contest from Mubarakpur
The Samajwadi Party published its fourth list of candidates for the Uttar Pradesh Assembly election on Monday. According to reports, Chief Minister Akhilesh Yadav is set to contest from Mubarakpur, while Aparna Yadav has been named for Lucknow Cantt. Earlier announcements The new list followed one released a day earlier, on Sunday, when the party named its candidates for 77 seats in the state. Seat sharing with the Congress The Samajwadi Party is fighting this election in alliance with the Indian National Congress. Under the arrangement, the Congress accepted 105Read More
हरिद्वार ग्रामीण: भाजपा के यतीश्वरानंद ने भरा पर्चा, मुख्यमंत्री रावत से मुकाबला
उत्तराखंड की सबसे चर्चित सीट बन चुकी हरिद्वार ग्रामीण से मौजूदा विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। नामांकन के समय पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद रमेश पोखरियाल निशंक भी उनके साथ थे। क्यों है यह हॉट सीट इस सीट को प्रदेश में सबसे अहम इसलिए माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री हरीश रावत भी यहीं से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। ऐसे में यहां सीधा मुकाबला भाजपा विधायक और मौजूदा मुख्यमंत्री के बीच है। रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में पर्चा भरनेRead More
उत्तराखंड चुनाव: पीडीएफ मंत्रियों से कांग्रेस बोली, ‘पंजे से लड़ो या फिर पंजा लड़ाओ’
उत्तराखंड में कांग्रेस ने राज्य सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों, प्रीतम पंवार और दिनेश धनै, के सामने साफ शर्त रख दी है। टिहरी और धनोल्टी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने से पहले पार्टी ने दोनों से कहा है, “पंजे से लड़ो या फिर पंजा लड़ाओ”। यानी या तो वे कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरें या पार्टी अपने प्रत्याशी खड़े करेगी। मंगलवार तक की मोहलत दोनों मंत्रियों को मंगलवार दोपहर तक यह बताना है कि वे कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे या नहीं। अगर उन्होंने मना कियाRead More
बगावत पर मुख्यमंत्री रावत: ‘कुछ शांत हो जाएंगे, कुछ को समय शांत कर देगा’
उत्तराखंड में कांग्रेस के टिकट बंटवारे के बाद पार्टी में उभरी नाराजगी पर मुख्यमंत्री रावत ने सोमवार को एक पत्रकार वार्ता में अपनी बात रखी। उन्होंने इस असंतोष को भावनात्मक उद्वेग करार दिया और कहा, “कुछ शांत हो जाएंगे, कुछ को समय शांत कर देगा।” 1977 का अपना अनुभव मुख्यमंत्री ने बागियों को अपना उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि 1977 में उन्हें भी टिकट मिला था और वह चुनाव चिह्न लेकर गजरौला तक पहुंच गए थे, लेकिन बाद में टिकट किसी और को दे दिया गया। उनके मुताबिक उन्होंने उसRead More
