राष्ट्रपति चुनाव 2017: आंकड़ों में रामनाथ कोविंद की बढ़त साफ
राष्ट्रपति पद की दौड़ में राजग (एनडीए) के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का पलड़ा भारी दिख रहा है। निर्वाचक मंडल के वोटों के हिसाब से उन्हें 62 प्रतिशत से ज्यादा मत मिलने का अनुमान है। फिर भी 2012 में प्रणब मुखर्जी, जो अभी राष्ट्रपति हैं, को 69 प्रतिशत मत मिले थे और कोविंद का हिस्सा उससे कुछ कम रह सकता है। यह पहला मौका है जब राष्ट्रपति पद के लिए दोनों प्रमुख उम्मीदवार दलित समुदाय से हैं।
किसके पास कितने वोट
निर्वाचक मंडल का कुल मत मूल्य 10,98,903 है और जीत के लिए आधे से अधिक, यानी 5,49,452 मतों की जरूरत होती है। राजग से बाहर के कई बड़े दलों, जैसे जदयू, बीजद, अन्नाद्रमुक, टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस, का साथ मिलने के बाद कोविंद के खाते में 6,82,677 मत आने की उम्मीद है, जो कुल का करीब दो तिहाई है।
विपक्ष की साझा उम्मीदवार मीरा कुमार को कांग्रेस, राजद, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस और माकपा जैसे दलों का समर्थन है। उनके पास 3,76,261 पक्के मत माने जा रहे हैं, जो लगभग 34 प्रतिशत बैठते हैं। विपक्ष अब इस मुकाबले को विचारधारा की लड़ाई बता रहा है। आम आदमी पार्टी, इनेलो, एआईएमआईएम और कुछ निर्दलीयों के करीब 39,965 मत अभी किसी पाले में नहीं हैं; इनका रुख दोनों खेमों के प्रचार पर निर्भर करेगा।
सांसदों और विधायकों का गणित
- कुल 776 सांसदों में से 524 का समर्थन कोविंद के साथ है, जिनमें 337 भाजपा के हैं। मीरा कुमार के पक्ष में 235 सांसद हैं।
- हर सांसद के वोट का मूल्य 708 है। इस आधार पर कोविंद को सांसदों से 3,70,992 और विधायकों से 3,11,685 मत मिलने का अनुमान है।
- मीरा कुमार को सांसदों से 1,66,380 और विधायकों से 2,09,881 मत मिल सकते हैं।
- विधायक के वोट का मूल्य राज्य की आबादी से तय होता है। उत्तर प्रदेश के विधायकों का कुल मत मूल्य सबसे ज्यादा 83,824 है (प्रति विधायक 208), जबकि सिक्किम का सबसे कम 224 है (प्रति विधायक सात)।
प्रचार और पिछले चुनाव
मीरा कुमार 28 जून को नामांकन भर सकती हैं, जबकि कोविंद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से प्रचार शुरू कर चुके हैं और कुछ केंद्रीय मंत्री भी उनके साथ हैं। संख्या बल अपने पक्ष में होने के बावजूद भाजपा आक्रामक प्रचार कर रही है। लगभग सभी राज्यों में उसकी बढ़त है; अपवाद हैं केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और त्रिपुरा।
पिछले चुनावों की बात करें तो 2012 में संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को 7,13,763 मत (69.31 प्रतिशत) मिले थे। 2007 में प्रतिभा पाटिल ने 6,38,116 मत, यानी 65.82 प्रतिशत, हासिल किए थे।
यह भी देखें: चुनावी खबरें
मूल रूप से 26 जून 2017 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।
Related News

Assembly Elections 2026 Dates
Election 2026 Date Announcement LIVE: The Election Commission of India (ECI) has officially announced theRead More

Anti-CAA protests planned in Kolkata as Modi arrives; Owaisi leads Hyderabad rally
Opposition to the Citizenship Amendment Act (CAA) and a proposed nationwide NRC was set toRead More

Comments are Closed