दिल्ली विधानसभा में कपिल की धुनाई, बोले- ‘छाती पर मारी गई लात’
इंडिया वोट कर टीम के अनुसार
दिल्ली विधानसभा में आज वो हुआ है जिसने पूरे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को शर्मसार कर दिया। दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के साथ सदन के भीतर हाथापाई की गई। विधायकों ने मिश्रा को घेरकर उनका गला दबाने की कोशिश की।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर चर्चा के लिए बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान सदन की मर्यादा तार-तार हुई। ‘आप’ सरकार से बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा ने बैनर लेकर प्रदर्शन किया, वहीं सत्तापक्ष के कुछ विधायकों ने उनके साथ हाथापाई की और मार्शलों ने उन्हें खींचकर सदन से बाहर निकाल दिया।
कपिल ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के इशारे पर ‘आप’ विधायकों ने उनपर लात-घूंसे चलाए। दिल्ली विधानसभा के भीतर सत्तापक्ष के विधायकों के बीच हाथापाई की यह पहली घटना है। इस घटना के बाद विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि किसी भी सदस्य को अपनी कुर्सी से उठकर नहीं जाना चाहिए था। मारपीट वाली घटना को देखा जाएगा। कपिल ने जो किया वह ठीक नहीं था। हालात, उस वक्त और विचित्र बन गए जब विधानसभा स्पीकर यह चिल्लाते हुए दिखाई दिए कि इसे (कपिल मिश्रा) बाहर निकालो, इसे बाहर निकालो।
कपिल मिश्रा बुधवार को सदन में साथ लाए एक बैनर को निकालकर अपनी सीट से उठ खड़े हुए और स्पीकर से सरकार में हो रहे भ्रष्टाचार पर चर्चा कराने की मांग की। उनकी इस हरकत का किसी को अंदाजा नहीं था। विरोध करने के उनके तरीके को देख स्पीकर भी तुरंत हरकत में आ गए।
स्पीकर ने जैसे ही मार्शलों से कहा कि कपिल को सदन से बाहर करें, ‘आप’ के कुछ विधायक कपिल की ओर झपटे। कपिल का आरोप है, ‘मदनलाल, जरनैल सिंह और अमानतुल्ला खान समेत पांच-सात विधायकों ने उनको मारना शुरू कर दिया। कपिल ने कहा कस्तूरबा नगर से विधायक मदन लाल ने उनका गला जकड़ लिया, वहीं दूसरे विधायकों ने लात-घूंसो से मारा। मिश्रा ने कहा ‘मेरी छाती में घूंसे मारे गए, लातें मारी गईं। मुझे कुछ चोटे भी आई हैं। इस घटना के तुरंत बाद कैमरा ऑफ कर दिया गया।’ हालांकि, तब तक कैमरे में इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो कैद हो गया था।
इस घटना के बाद कपिल विधानसभा परिसर में स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के आगे गए और प्रतिमा को प्रणाम कर मीडिया से कहा, ‘मैने विधानसभा अध्यक्ष को चिट्ठी लिखी थी कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घोटाले को लेकर जांच करें और मुझे बोलने का मौका दें। मैंने माग की थी कि रामलीला मैदान में जनता के सामने अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के घोटालों के खिलाफ विशेष सत्र बुलाना चाहिए। मैंने ‘आप’ विधायकों की इस करतूत की शिकायत के लिए उपराज्यपाल अनिल बैजल से समय मांगा है। मेरे साथ सदन में जो कुछ भी हुआ वह उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की शह पर हुआ।’
कपिल ने कहा, ‘मैं अरविद केजरीवाल से नहीं डरता। उनके घोटाले सबके सामने आ चुके हैं। मैं शनिवार 3 जून को कांस्टीट्यूशन क्लब में अरविंद केजरीवाल के दवाओं से जुड़े घोटाले के बारे में सभी को बताऊंगा।’
इससे पहले, बुधवार को विधानसभा के विशेष सत्र में कोरम पूरा नहीं होने के कारण छह मिनट की देरी से सत्र की शुरुआत हुई। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में शामिल दो नए मंत्रियो कैलाश गहलोत और राजेश गौतम से सदन का परिचय कराया। इसके बाद नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले पर चर्चा की मांग की, जिसे अध्यक्ष ने ठुकरा दिया।
Source : Jagran.com
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