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एमसीडी चुनाव: भाजपा की जीत की हैट्रिक, तीनों नगर निगमों में स्पष्ट बहुमत

दिल्ली नगर निगम चुनाव में कुल 270 सीटों में से 181 पर कब्जा जमाकर भारतीय जनता पार्टी ने तीनों निगमों में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। दस साल से निगमों की सत्ता में रही भाजपा ने सत्ता विरोधी माहौल की चुनौती को पार करते हुए लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की। दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस, दोनों इस मुकाबले में काफी पीछे रह गईं।

किसे कितनी सीटें

  • भाजपा: 270 में से 181 सीटें।
  • आम आदमी पार्टी: पहली बार निगम चुनाव लड़ रही पार्टी को 48 वार्डों में जीत मिली।
  • कांग्रेस: पिछली बार 77 वार्ड जीतने वाली पार्टी इस बार 30 वार्डों तक सीमित रही।

दो साल पहले विधानसभा की 70 सीटों में से 67 अपने नाम करने वाली आम आदमी पार्टी के लिए यह नतीजा सबसे बड़ा झटका माना गया। उसी चुनाव में भाजपा को केवल तीन सीटें मिली थीं, लेकिन पार्टी ने पहले राजौरी गार्डन विधानसभा उपचुनाव जीता और अब निगम चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की।

नतीजों का संदर्भ

रिपोर्ट में कहा गया कि उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों तथा ओडिशा और महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद दिल्ली में भी भाजपा को सफलता मिली। पार्टी के पक्ष में इसे इस रूप में देखा गया कि मतदाताओं ने टकराव की राजनीति की बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर भरोसा जताया। 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की जीत का सिलसिला दिल्ली विधानसभा चुनाव में ही रुका था, जब राजधानी के मतदाताओं ने अरविंद केजरीवाल को चुना था।

भाजपा की रणनीति

भाजपा ने दिल्ली प्रदेश की कमान भोजपुरी कलाकार और सांसद मनोज तिवारी को सौंपी थी, जिन्हें दूसरे वर्गों के साथ दिल्ली में बसे पूर्वांचल के लोगों को पार्टी से जोड़ने का श्रेय दिया गया। सत्ता विरोधी माहौल से निपटने के लिए पार्टी ने किसी भी मौजूदा पार्षद को दोबारा टिकट नहीं दिया। रिपोर्ट के मुताबिक ये दोनों फैसले जीत में मददगार रहे।

यह भी देखें: भारतीय जनता पार्टी और चुनाव समाचार

मूल रूप से 27 अप्रैल 2017 को प्रकाशित। 9 अक्टूबर 2026 को नए सिरे से लिखा गया।






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